विश्व आदिवासी दिवस पर किरोड़ी लाल मीणा का बड़ा बयान, बोले- मीणा-गुर्जर राम-लक्ष्मण की जोड़ी, पायलट को CM बनाने में मीणा समाज का योगदान
दौसा। विश्व आदिवासी दिवस 2026 के अवसर पर राजस्थान के दौसा जिले के नांगल प्यारीवास स्थित पंच-अथाई परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। समारोह के दौरान राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मीणा और गुर्जर समाज के आपसी संबंधों को लेकर बड़ा राजनीतिक और सामाजिक बयान दिया। उनके बयान के बाद राजस्थान की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
किरोड़ी लाल मीणा बोले- मीणा और गुर्जर समाज आपस में न लड़ें
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि मीणा समाज और गुर्जर समाज को आपस में लड़ने के बजाय मिल-जुलकर रहना चाहिए। उन्होंने दोनों समुदायों को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि दोनों ही समाजों की सामाजिक और राजनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण है।
किरोड़ी लाल मीणा ने मीणा और गुर्जर समाज के रिश्ते की तुलना राम और लक्ष्मण की जोड़ी से की। उन्होंने कहा कि दोनों समाजों के बीच आपसी भाईचारा मजबूत होना चाहिए और किसी भी प्रकार का टकराव दोनों समुदायों के हित में नहीं है।
सचिन पायलट को लेकर भी किरोड़ी लाल मीणा का बड़ा बयान
किरोड़ी लाल मीणा ने अपने भाषण में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राजेश पायलट और कांग्रेस नेता सचिन पायलट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दौसा के मीणा समाज ने पायलट परिवार को राजस्थान की राजनीति में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने गुर्जर समाज को संबोधित करते हुए कहा कि यदि समाज सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाना चाहता है तो उसे मीणा समाज के सहयोग की अहमियत को समझना होगा। उनके इस बयान को राजस्थान की पूर्वी राजनीति में मीणा-गुर्जर सामाजिक समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
‘पायलट परिवार को राजनीति में चमकाने वाला भी दौसा का मीणा समाज’
किरोड़ी लाल मीणा ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि पायलट परिवार को राजस्थान की राजनीति में स्थापित करने और आगे बढ़ाने में दौसा के मीणा समाज की भूमिका रही है। उन्होंने सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि राजनीतिक विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन समाजों के बीच आपसी संघर्ष नहीं होना चाहिए।
उनका संदेश मुख्य रूप से मीणा और गुर्जर समाज के बीच सामाजिक समन्वय और भाईचारे को मजबूत करने पर केंद्रित रहा। यह बयान ऐसे समय आया है जब पूर्वी राजस्थान की राजनीति में मीणा और गुर्जर समाज दोनों का महत्वपूर्ण प्रभाव माना जाता है।
नांगल प्यारीवास में उमड़ा जनसैलाब
दौसा के नांगल प्यारीवास स्थित पंच-अथाई परिसर में आयोजित दो दिवसीय विश्व आदिवासी दिवस समारोह में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार आयोजन स्थल पर करीब 125 बीघा क्षेत्र में विशाल डोम तैयार किया गया था, लेकिन भारी भीड़ के चलते कई लोगों को खुले मैदान और आसपास के स्थानों पर बैठकर कार्यक्रम देखना पड़ा।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक पदाधिकारियों ने भी समारोह में हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।
2027 में मूर्ति स्थापना का भी ऐलान
कार्यक्रम के दौरान डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अगले वर्ष 9 अगस्त 2027 को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पंच-अथाई परिसर में भगवान एवं अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों की विधिवत स्थापना किए जाने की घोषणा भी की।
राजस्थान की राजनीति में बयान के मायने
किरोड़ी लाल मीणा का यह बयान केवल सामाजिक भाईचारे तक सीमित नहीं माना जा रहा है। सचिन पायलट, मीणा समाज और गुर्जर समाज का एक साथ उल्लेख होने के कारण इसे राजस्थान की पूर्वी पट्टी की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में इस बयान पर दोनों समुदायों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
कुल मिलाकर, विश्व आदिवासी दिवस के मंच से किरोड़ी लाल मीणा ने मीणा-गुर्जर एकता का संदेश देते हुए दोनों समाजों को आपसी टकराव से बचने की अपील की। साथ ही सचिन पायलट को लेकर दिया गया उनका बयान राजस्थान की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
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