कांस्टेबल भर्ती 2020 में डमी अभ्यर्थी बैठाने वाला 5 हजार का इनामी गिरफ्तार
सरकारी नौकरी के लिए भाई को बनाया डमी अभ्यर्थी
सरकारी नौकरी पाने की लालसा में राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। सोडाला थाना पुलिस ने उस मुख्य अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है, जिसने वर्ष 2020 की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में अपनी जगह अपने छोटे भाई को डमी अभ्यर्थी बनाकर बैठाया था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सोनू यादव के रूप में हुई है। वह नीमराणा, कोटपुतली-बहरोड़ क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
छह साल से फरार था मुख्य अभ्यर्थी
पुलिस के अनुसार कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाने का मामला सामने आने के बाद आरोपी सोनू यादव लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी।
इस मामले में सोनू यादव के छोटे भाई मनोज कुमार यादव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक मनोज कुमार यादव ने परीक्षा के दौरान अपने भाई सोनू यादव की जगह डमी अभ्यर्थी के तौर पर परीक्षा दी थी।
मनोज यादव पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने के मामले में मनोज यादव को सोडाला पुलिस ने 28 जुलाई को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि परीक्षा के समय मनोज यादव भिवाड़ी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत था।
वर्तमान में मनोज कुमार यादव ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत बताया गया है। पुलिस अब मामले में दोनों भाइयों की भूमिका और परीक्षा में किए गए फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
7 नवंबर 2020 को हुई थी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा
पुलिस के अनुसार राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का आयोजन 7 नवंबर 2020 को किया गया था। परीक्षा से संबंधित मामले में चौधरी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जनता नगर (रांकड़ी) में आयोजित परीक्षा के दौरान सोनू यादव के स्थान पर उसके छोटे भाई मनोज कुमार यादव के बैठने की बात सामने आई।
यह परीक्षा जीआरपी अजमेर से संबंधित भर्ती प्रक्रिया के तहत आयोजित की गई थी। मामले में राजस्थान पुलिस मुख्यालय के सहायक प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रभारी भर्ती अनुभाग संजय यादव की रिपोर्ट के आधार पर सोडाला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
साइबर सेल की मदद से पुलिस ने पकड़ा
मुख्य आरोपी सोनू यादव की तलाश के लिए पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ साइबर सेल की मदद ली। पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी की तलाश आगे बढ़ाई और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।
थानाधिकारी मनोज बैरवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि सरकारी नौकरी हासिल करने के उद्देश्य से सोनू यादव ने अपनी जगह छोटे भाई मनोज को परीक्षा में बैठाने की साजिश रची थी।
दोनों भाइयों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
पुलिस जांच के अनुसार परीक्षा में डमी अभ्यर्थी के जरिए शामिल होने का मामला सामने आने के बाद सोनू यादव और मनोज कुमार यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
💬 Comments