Ketan Murder Case: केतन अग्रवाल हत्याकांड में तीसरी गिरफ्तारी, सिया-चेतन की साजिश में दोस्त की भूमिका की जांच
Ketan Agarwal Murder Case Latest Update: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में करीब ढाई महीने बाद एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने मामले में तीसरे आरोपी के तौर पर 22 वर्षीय रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है। रितेश मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का पुराना दोस्त बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आए डिजिटल साक्ष्यों और रिकवर की गई डिलीट चैट्स से रितेश की कथित भूमिका जांच के दायरे में आई। पुलिस का आरोप है कि उसे केतन की हत्या की कथित साजिश की जानकारी थी। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
Ketan Murder Case में कौन है तीसरा गिरफ्तार आरोपी?
तीसरे गिरफ्तार आरोपी की पहचान रितेश हांगे के रूप में हुई है। उसकी उम्र 22 वर्ष बताई गई है और वह चेतन चौधरी का लंबे समय से दोस्त है।
पुलिस जांच में सामने आया कि रितेश कथित तौर पर उस साजिश से परिचित था, जिसके तहत केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई थी।
गिरफ्तारी के बाद अदालत ने रितेश को 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है। अब जांच एजेंसी उससे कथित साजिश और अन्य संभावित पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है।
Deleted WhatsApp Chats ने केस में दिया नया सुराग
इस मामले में मोबाइल फोन और डिजिटल फॉरेंसिक जांच महत्वपूर्ण साबित हुई है। पुलिस ने पहले गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन चौधरी के फोन जब्त किए थे। जांच के दौरान यह सामने आया था कि घटना से पहले और बाद की कई चैट्स डिलीट की गई थीं।
फॉरेंसिक जांच के जरिए इनमें से कुछ डिलीट चैट्स को रिकवर किया गया। पुलिस के अनुसार, इन्हीं डिजिटल जानकारियों से रितेश और चेतन के बीच हुई बातचीत की जानकारी सामने आई। इसके बाद रितेश की भूमिका की जांच तेज हुई।
18 जून को Lohagad Fort पर क्या हुआ था?
यह मामला 18 जून 2026 का है। केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ पुणे जिले के प्रसिद्ध लोहगढ़ किले पर गए थे।
शुरुआत में केतन की मौत को पहाड़ी से गिरने की दुर्घटना बताया गया था। लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ी तो परिस्थितियों पर संदेह पैदा हुआ।
जांचकर्ताओं के अनुसार, बाद में डिजिटल साक्ष्य, CCTV फुटेज, बयानों और घटनाक्रम की कड़ियों के आधार पर मामला कथित तौर पर सुनियोजित हत्या की ओर मुड़ गया।
पुलिस का आरोप- पहाड़ी से धक्का देकर की गई हत्या
पुणे ग्रामीण पुलिस का आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, केतन को लोहगढ़ किले की एक चट्टान से नीचे धक्का दिया गया था।
पुलिस जांच में दावा किया गया कि घटना के समय सिया और चेतन के बीच पहले से तय संकेत का भी इस्तेमाल किया गया था। सिया के जमीन पर बैठने को कथित संकेत माना गया, जिसके बाद चेतन ने केतन को धक्का दिया।
23 जून को गिरफ्तार हुए थे सिया और चेतन
घटना के पांच दिन बाद 23 जून को पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ के साथ उनके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच कथित संबंध की जानकारी भी जांच में महत्वपूर्ण बनी। केतन और सिया की फरवरी 2026 में सगाई हुई थी और दोनों की शादी प्रस्तावित थी।
हत्या से पहले कई जगहों पर विचार करने का दावा
पुलिस की पूर्व जांच में यह भी दावा किया गया कि लोहगढ़ किला कथित योजना के लिए शुरुआत से तय स्थान नहीं था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर लोनावला के टाइगर पॉइंट और विसापुर किले जैसे दूसरे स्थानों पर भी विचार किया था।
इसके बाद लोहगढ़ किले को चुना गया। पुलिस ने यह भी दावा किया था कि कथित हत्या की योजना कई सप्ताह तक बनाई गई और शक से बचने के तरीकों पर विचार किया गया।
हत्या से पहले Secret Call भी जांच में आया
मोबाइल फॉरेंसिक जांच में घटना से कुछ समय पहले हुई एक फोन कॉल भी जांचकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बनी। पूर्व रिपोर्टों के मुताबिक, घटना से करीब 34 मिनट पहले सिया और चेतन के बीच बातचीत हुई थी।
पुलिस इस कॉल और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड को कथित पूर्व नियोजित साजिश की जांच से जोड़कर देख रही है।
अब रितेश हांगे पर क्या आरोप?
ताजा जांच में पुलिस का आरोप है कि रितेश को कथित हत्या की योजना की जानकारी थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, रिकवर हुई चैट्स में चेतन और रितेश के बीच मामले से जुड़ी बातचीत सामने आई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के बाद भी चेतन ने रितेश से संपर्क किया था। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रितेश को साजिश के बारे में कब से जानकारी थी और कथित योजना में उसकी भूमिका किस स्तर तक थी।
रितेश पर Criminal Conspiracy की धारा
रितेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61 के तहत आपराधिक साजिश से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।
उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि क्या उसकी भूमिका केवल कथित योजना की जानकारी रखने तक सीमित थी या उसने किसी अन्य तरीके से आरोपियों की सहायता की थी। इसका अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।
Ketan Agarwal Murder Case Timeline
- फरवरी 2026: केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई।
- 18 जून 2026: लोहगढ़ किले पर केतन की मौत। शुरुआत में घटना को गिरने से हुई मौत बताया गया।
- 23 जून 2026: जांच के बाद सिया गोयल और चेतन चौधरी गिरफ्तार।
- जून-जुलाई: CCTV, मोबाइल फोन, गवाहों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच आगे बढ़ी।
- सितंबर 2026: फॉरेंसिक जांच से मिली डिजिटल जानकारी के बाद रितेश हांगे गिरफ्तार।
- 12 सितंबर तक: अदालत ने रितेश को पुलिस हिरासत में भेजा।
तीसरी गिरफ्तारी क्यों महत्वपूर्ण?
इस मामले में तीसरी गिरफ्तारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब जांच का दायरा केवल सिया और चेतन तक सीमित नहीं रहा। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित योजना के बारे में और किसे जानकारी थी और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सहायता की थी।
Deleted chats की रिकवरी भी मामले में डिजिटल फॉरेंसिक की अहमियत दिखाती है। पुलिस अब रितेश से पूछताछ के जरिए कथित साजिश की पूरी टाइमलाइन को समझने का प्रयास कर रही है।
Ketan Murder Case में अब आगे क्या?
रितेश की पुलिस हिरासत के दौरान जांच एजेंसी उसके फोन, बातचीत, चेतन के साथ संपर्क और कथित साजिश की जानकारी से जुड़े पहलुओं की जांच कर सकती है।
पुलिस के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि डिजिटल साक्ष्यों को अन्य स्वतंत्र साक्ष्यों और गवाहों के बयानों से मिलाया जाए। मामले में आगे की कानूनी स्थिति जांच पूरी होने और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
Ketan Agarwal Murder Case FAQ
केतन अग्रवाल हत्याकांड में तीसरा गिरफ्तार आरोपी कौन है?
पुणे ग्रामीण पुलिस ने चेतन चौधरी के दोस्त 22 वर्षीय रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है।
रितेश हांगे को क्यों गिरफ्तार किया गया?
पुलिस का आरोप है कि रितेश को केतन की हत्या की कथित साजिश की जानकारी थी। डिजिटल फॉरेंसिक जांच और रिकवर हुई चैट्स के बाद उसकी भूमिका जांच के दायरे में आई।
केतन अग्रवाल की मौत कब हुई?
केतन अग्रवाल की मौत 18 जून 2026 को पुणे जिले के लोहगढ़ किले पर हुई थी।
सिया गोयल और चेतन चौधरी कब गिरफ्तार हुए?
दोनों को पुलिस ने 23 जून 2026 को गिरफ्तार किया था।
रितेश हांगे कब तक पुलिस हिरासत में है?
अदालत ने उसे 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है।
निष्कर्ष
केतन अग्रवाल हत्याकांड में तीसरी गिरफ्तारी से जांच में नया अध्याय जुड़ गया है। पुलिस के मुताबिक, फॉरेंसिक जांच में रिकवर हुई डिलीट चैट्स से चेतन के दोस्त रितेश हांगे की कथित भूमिका सामने आई। अब पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे कथित हत्या की योजना के बारे में कितनी जानकारी थी और उसकी भूमिका क्या थी।
नोट: यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे से संबंधित साजिश तथा अन्य विवरण पुलिस के आरोप और जांच पर आधारित हैं। आरोप सिद्ध होने का अंतिम फैसला अदालत करेगी।
💬 Comments