DUSU Election Result 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में कांटे की टक्कर, छात्रों ने किन मुद्दों पर दिया वोट?
DUSU Election Result 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026-27 की मतगणना शनिवार, 19 सितंबर को नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में हुई। राष्ट्रपति पद की लड़ाई ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच बेहद करीबी रही, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बड़ी बढ़त बनाकर जीत हासिल की।
इस बार DUSU चुनाव केवल ABVP बनाम NSUI की लड़ाई तक सीमित नहीं रहा। आवास, सुरक्षित PG और हॉस्टल, परिवहन, कैंपस सुरक्षा, बुनियादी ढांचा, लाइब्रेरी और छात्रों की रोजमर्रा की सुविधाएं चुनावी चर्चा के केंद्र में रहीं।
DUSU Election 2026 में कितना हुआ मतदान?
दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 मतदान केंद्रों से प्राप्त अंतिम आंकड़ों के अनुसार इस बार कुल 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव में 1.51 लाख से अधिक विद्यार्थी मतदान के पात्र थे।
2025 में मतदान प्रतिशत 39.45% था। इस हिसाब से 2026 में मतदान में करीब 1.01 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई।
DUSU Election Result 2026: चार बड़े पदों का मुकाबला
| पद | प्रमुख उम्मीदवार | संगठन | स्थिति |
|---|---|---|---|
| अध्यक्ष | यश डबास | ABVP | मतगणना में बेहद करीबी मुकाबला |
| अध्यक्ष | विजय शंकर मीणा | NSUI | मतगणना में बेहद करीबी मुकाबला |
| उपाध्यक्ष | दीपांशु शौकीन | निर्दलीय | विजेता |
| सचिव | रिया छावड़ी | ABVP | मतगणना में आगे |
| संयुक्त सचिव | गोपाल चौधरी | NSUI | करीबी मुकाबला |
PRESIDENT पद पर सिर्फ 79 वोट का अंतर
16वें राउंड की मतगणना के बाद PRESIDENT पद की लड़ाई बेहद रोमांचक हो गई। ABVP के यश डबास को 18,786 वोट मिले थे, जबकि NSUI के विजय शंकर मीणा 18,707 वोट पर थे। यानी दोनों के बीच उस समय सिर्फ 79 वोट का अंतर था।
इससे पहले मुकाबला कई बार पलटा। 14वें राउंड में विजय शंकर मीणा केवल एक वोट से आगे थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति पद की लड़ाई कितनी करीबी रही।
दीपांशु शौकीन ने निर्दलीय लड़कर जीता उपाध्यक्ष पद
इस चुनाव की सबसे चर्चित कहानियों में से एक दीपांशु शौकीन की रही। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे दीपांशु ने DUSU के उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।
16वें राउंड तक दीपांशु को 24,943 वोट मिल चुके थे, जबकि ABVP के ईशू मौर्य 12,739 वोटों पर थे। उनकी बढ़त 12 हजार से अधिक वोटों तक पहुंच गई थी। बाद में उनकी जीत की पुष्टि हुई।
सचिव पद पर रिया छावड़ी की मजबूत बढ़त
सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी ने मतगणना के दौरान मजबूत बढ़त बनाए रखी। 16वें राउंड के बाद रिया को 16,145 वोट और NSUI की नम्रता चौधरी को 12,223 वोट मिले थे। दोनों के बीच उस समय 3,922 वोट का अंतर था।
संयुक्त सचिव की लड़ाई भी बेहद करीबी
संयुक्त सचिव पद पर भी मुकाबला दिलचस्प रहा। 16वें राउंड तक NSUI के गोपाल चौधरी 12,647 वोटों के साथ आगे थे। समाजवादी छात्र सभा के विशेष यादव 12,638 और ABVP के लक्ष्य राज सिंह 12,435 वोटों पर थे।
यानी गोपाल चौधरी और विशेष यादव के बीच उस समय केवल 9 वोट का अंतर था।
छात्रों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा क्यों बना Housing?
DUSU Election 2026 में छात्र आवास एक प्रमुख मुद्दे के रूप में सामने आया। सितंबर में सत्य निकेतन इलाके में निजी छात्र आवास वाली इमारत गिरने की घटना के बाद सुरक्षित और किफायती रहने की व्यवस्था पर बहस तेज हुई।
दिल्ली विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में जगह नहीं मिलने के कारण निजी PG, फ्लैट और अन्य आवास पर निर्भर हैं। इसी वजह से विभिन्न छात्र संगठनों के घोषणापत्र में हॉस्टल और सुरक्षित आवास प्रमुख विषय बने।
छात्रों का Vision: नई DUSU से क्या उम्मीद?
मतदान के दौरान सामने आई छात्र प्रतिक्रियाओं और चुनावी मुद्दों में एक बात बार-बार दिखाई दी—विद्यार्थी ऐसी छात्रसंघ व्यवस्था चाहते हैं जो केवल चुनाव के समय सक्रिय न हो, बल्कि पूरे साल विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने छात्रों के मुद्दों को मजबूती से रखे।
- Affordable Housing: कम कीमत पर सुरक्षित हॉस्टल और PG व्यवस्था।
- Transport: विद्यार्थियों के लिए रियायती Metro और सार्वजनिक परिवहन पास।
- Campus Safety: छात्राओं सहित सभी विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित कैंपस और आसपास के क्षेत्र।
- 24×7 Library: पढ़ाई के लिए अधिक समय तक खुली लाइब्रेरी।
- Infrastructure: कॉलेजों में बेहतर कक्षाएं, पानी, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं।
- Affordable Food: कैंटीन में स्वच्छ और किफायती भोजन।
- Accountability: चुने गए प्रतिनिधियों की छात्रों के प्रति जवाबदेही।
ABVP ने छात्रों से क्या वादे किए?
ABVP ने अपने चुनावी एजेंडे में छात्र आवास और सुरक्षा को प्रमुखता दी। संगठन ने नए हॉस्टल, छात्र आवास सहायता व्यवस्था, हेल्पलाइन और अग्नि सुरक्षा जैसे विषयों को उठाया। कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र कल्याण भी उसके अभियान के प्रमुख विषय रहे।
NSUI का 19 वादों वाला घोषणापत्र
NSUI ने “Accountable DU | Accountable DUSU” नाम से घोषणापत्र जारी किया। इसमें किफायती छात्र आवास, रियायती Metro पास, 24 घंटे लाइब्रेरी, subsidised canteen, menstrual leave, mental-health support और छात्र कल्याण से जुड़े दूसरे मुद्दों को शामिल किया गया।
AISA-SFI ने किन मुद्दों को उठाया?
AISA-SFI गठबंधन ने भी छात्र आवास और affordability को प्रमुख मुद्दा बनाया। अभियान के दौरान किराए और निजी आवास की स्थिति, कॉलेजों में हॉस्टल सुविधाओं के विस्तार और छात्रों पर बढ़ते रहने के खर्च जैसे विषय उठाए गए।
2025 के मुकाबले 2026 का चुनाव कितना अलग?
2025 में ABVP ने DUSU के चार केंद्रीय पदों में से तीन—अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—जीते थे, जबकि NSUI ने उपाध्यक्ष पद हासिल किया था। 2026 में निर्दलीय दीपांशु शौकीन का उपाध्यक्ष पद जीतना इस मुकाबले में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
क्यों महत्वपूर्ण है DUSU Election?
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ देश के सबसे चर्चित विश्वविद्यालय छात्र संगठनों में शामिल है। इसके चुनावों में राष्ट्रीय स्तर के छात्र संगठन सक्रिय रहते हैं। हालांकि DUSU का मुख्य दायित्व विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व और कैंपस से जुड़े मुद्दों को उठाना है।
इस बार के चुनाव ने यह भी दिखाया कि पार्टी या संगठन के अलावा आवास, सुरक्षा, परिवहन और कैंपस सुविधाओं जैसे रोजमर्रा के मुद्दे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
DUSU Election Result 2026 FAQs
DUSU Election 2026 में कितना मतदान हुआ?
52 मतदान केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार कुल मतदान 40.46 प्रतिशत दर्ज किया गया।
DUSU Election 2026 में Vice President कौन बना?
निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।
DUSU President 2026 की मुख्य लड़ाई किनके बीच रही?
राष्ट्रपति पद पर ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच बेहद करीबी मुकाबला रहा।
DUSU Election 2026 में छात्रों के प्रमुख मुद्दे क्या थे?
किफायती और सुरक्षित आवास, हॉस्टल, परिवहन, कैंपस सुरक्षा, लाइब्रेरी, बुनियादी ढांचा और छात्र कल्याण प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे।
नोट: यह रिपोर्ट 19 सितंबर 2026 की मतगणना के दौरान उपलब्ध सत्यापित आंकड़ों पर आधारित है। जिन पदों के अंतिम परिणाम की आधिकारिक पुष्टि शेष है, उन्हें विजेता के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। अंतिम परिणाम घोषित होने पर वोट और जीत के अंतर के आंकड़े अपडेट किए जाने चाहिए।
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