करौली
हिण्डौन के कटरा बाजार में बारिश का कहर: दुकानों में घुसा पानी, व्यापारियों को लाखों के नुकसान की आशंका
मानसून की झमाझम बारिश अब हिण्डौन सिटी के मुख्य व्यापारिक क्षेत्रों के लिए आफत बनने लगी है। शहर के हृदयस्थल कहे जाने वाले कटरा बाजार में तेज बारिश के चलते भारी जलभराव हो गया, जिससे दर्जनों दुकानों के अंदर पानी घुस गया। इस अचानक आए जलभराव के कारण दुकानदारों का स्टॉक और कीमती सामान पानी में डूबकर खराब हो गया, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
हिण्डौन सिटी (करौली)। मानसून की झमाझम बारिश अब हिण्डौन सिटी के मुख्य व्यापारिक क्षेत्रों के लिए आफत बनने लगी है। शहर के हृदयस्थल कहे जाने वाले कटरा बाजार में तेज बारिश के चलते भारी जलभराव हो गया, जिससे दर्जनों दुकानों के अंदर पानी घुस गया। इस अचानक आए जलभराव के कारण दुकानदारों का स्टॉक और कीमती सामान पानी में डूबकर खराब हो गया, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
कटरा बाजार में जलभराव की स्थिति
हिण्डौन में हुई मूसलाधार बारिश के बाद कटरा बाजार पूरी तरह से जलमग्न हो गया। सड़कों पर नालियों का गंदा पानी और बारिश का पानी एक होकर बहने लगा, जिसकी वजह से निचले इलाकों में स्थित दुकानों के बेसमेंट और मुख्य तल में दो से तीन फीट तक पानी भर गया।
कपड़ा, किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामान की दुकानों में पानी भरने से भारी मात्रा में रखा माल भीग गया। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, बारिश इतनी तेज और अचानक थी कि सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने तक का समय नहीं मिला।
जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
इस आपदा के बाद स्थानीय व्यापारियों में नगर परिषद और प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष है। व्यापारियों का आरोप है कि:
नालियों की सफाई का अभाव: बारिश से पहले नालों और नालियों की समुचित सफाई नहीं की गई, जिसके कारण जल निकासी अवरुद्ध हो गई।
सड़क की ढलान और ड्रेनेज समस्या: बाजार की मुख्य सड़कों और नालियों का निर्माण सही तकनीकी तरीके से न होने से पानी तेजी से दुकानों में घुसता है।
व्यापारियों की मांग: सर्वे कराकर मिले मुआवजा
कटरा बाजार व्यापार संघ के सदस्यों और प्रभावित दुकानदारों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि:
त्वरित जल निकासी: पंप सेट लगाकर कटरा बाजार और आसपास के क्षेत्रों से तुरंत पानी बाहर निकाला जाए।
स्थायी समाधान: नालों को चौड़ा और साफ किया जाए ताकि भविष्य में बारिश होने पर पानी बाजार में न भरे।
मुआवजे का आकलन: राजस्व विभाग की टीम भेजकर नुकसान का तुरंत सर्वे कराया जाए और पीड़ित व्यापारियों को आर्थिक सहायता दी जाए।
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