Rajasthan Cabinet Meeting 2026: पेड़ काटने पर जेल-जुर्माना, UCC में 60 दिन में शादी का रजिस्ट्रेशन; जानिए कैबिनेट के बड़े फैसले
जयपुर। राजस्थान में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कानूनों से जुड़े दो बड़े विधेयकों के प्रारूप को मंजूरी दी गई। सरकार आगामी विधानसभा सत्र में द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026 और द राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल-2026 पेश करने की तैयारी में है। विधानसभा का आगामी सत्र 20 अगस्त 2026 से शुरू होने की जानकारी सामने आई है।
प्रस्तावित Tree Protection Bill में राजस्थान की 29 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों को विशेष संरक्षण देने का प्रावधान है। वहीं प्रस्तावित UCC Bill में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नियमों को एक समान और व्यवस्थित कानूनी ढांचे में लाने का प्रस्ताव किया गया है।
महत्वपूर्ण: दोनों अभी प्रस्तावित विधेयक हैं। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इन्हें विधानसभा में पेश किया जाएगा। कानून बनने के बाद ही ये लागू होंगे।
खेजड़ी समेत 29 पेड़ों को विशेष सुरक्षा
राजस्थान सरकार के प्रस्तावित द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026 का उद्देश्य राज्य में महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों का संरक्षण करना है।
इसमें खेजड़ी, रोहिड़ा, बरगद, पीपल, लसोड़ा, तेंदू, महुआ, कैर और चिरोंजी सहित 29 वृक्ष प्रजातियों को शामिल किया गया है।
पेड़ काटने पर क्या होगा?
प्रस्तावित कानून के अनुसार संरक्षित पेड़ों को बिना अनुमति काटने पर कार्रवाई होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें एक साल तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना का प्रावधान है।
UCC Bill 2026 में क्या है खास?
कैबिनेट ने द राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल-2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी है।
इसका उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन संबंधों को एक समान कानूनी ढांचे में लाना है।
शादी का 60 दिन में रजिस्ट्रेशन जरूरी
प्रस्तावित UCC में विवाह का 60 दिनों के भीतर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर ₹10,000 तक जुर्माना और नोटिस के बाद भी अनुपालन नहीं करने पर ₹25,000 तक जुर्माना प्रस्तावित है।
बहुविवाह पर रोक
UCC में बहुविवाह पर रोक का भी प्रस्ताव है। साथ ही विवाह विवादों के निपटारे के लिए स्पष्ट न्यायिक प्रक्रिया तय की गई है।
लिव-इन रिलेशनशिप भी UCC के दायरे में
लिव-इन रिलेशनशिप को भी कानूनी ढांचे में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके तहत संबंध की शुरुआत और समाप्ति की लिखित सूचना या पंजीकरण अनिवार्य होगा।
बेटे-बेटी को विरासत में समान अधिकार
प्रस्तावित UCC में पुत्र और पुत्री को समान उत्तराधिकार अधिकार देने का प्रावधान है। बिना वसीयत मृत्यु होने पर संपत्ति का हस्तांतरण तय नियमों के अनुसार होगा।
यदि कोई उत्तराधिकारी नहीं मिलता है तो संपत्ति सरकार के पास जाएगी, लेकिन देनदारियां भी सरकार पर होंगी।
गर्भस्थ बच्चे को भी अधिकार
गर्भस्थ शिशु को भी उत्तराधिकार का अधिकार देने का प्रस्ताव शामिल है।
राजस्थान कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले
- 1971 युद्ध के 35 शहीदों के परिजनों को नौकरी
- 2026-27 में पदोन्नति के लिए 2 वर्ष की छूट
- अनुकम्पा नियुक्ति में पुत्रवधू को पात्रता
- ग्रामीण जलापूर्ति के लिए नई नीति
- अक्षय ऊर्जा और उद्योगों के लिए भूमि आवंटन
एक नजर में बड़े फैसले
| फैसला | प्रस्ताव |
|---|---|
| Tree Protection Bill | 29 वृक्ष प्रजातियों को संरक्षण |
| पेड़ कटाई | बिना अनुमति पर सजा |
| UCC Bill | समान नागरिक कानून व्यवस्था |
| शादी रजिस्ट्रेशन | 60 दिन में अनिवार्य |
| लिव-इन | पंजीकरण अनिवार्य |
| उत्तराधिकार | बेटा-बेटी को समान अधिकार |
अब आगे क्या होगा?
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब दोनों विधेयकों को विधानसभा में पेश किया जाएगा। चर्चा और संशोधन के बाद ही अंतिम कानून तय होगा।
यह भी पढ़ें: राजस्थान की ताजा खबरें, सरकारी योजनाएं और अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।
💬 Comments