Ram Mandir CEO: पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO, गोविंद देव गिरि को बड़ी जिम्मेदारी
Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव हुआ है। पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। वहीं स्वामी गोविंद देव गिरि को ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया गया है।
अयोध्या में बुधवार को हुई ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में इन नियुक्तियों पर फैसला लिया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को शामिल करने और कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी में भी बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था को राम मंदिर के प्रशासन और रोजमर्रा के प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कौन हैं राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO जितेंद्र मिश्रा?
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बनाए गए एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) भारतीय वायुसेना में लगभग चार दशक तक सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने वायुसेना में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उन्होंने पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया था।
अब सैन्य सेवा में मिले लंबे प्रशासनिक और नेतृत्व अनुभव का इस्तेमाल राम मंदिर से जुड़े बड़े प्रशासनिक तंत्र के संचालन में किया जाएगा। CEO के रूप में उनकी नियुक्ति के साथ ट्रस्ट के प्रबंधन में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
5,585 आवेदनों के बीच हुआ जितेंद्र मिश्रा का चयन
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO का चयन बड़े स्तर पर की गई प्रक्रिया के बाद हुआ। इस पद के लिए देशभर से 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे।
आवेदनों की तकनीकी और मैनुअल स्क्रीनिंग की गई। उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव और जिम्मेदारी संभालने की क्षमता जैसे पहलुओं को परखा गया। चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरण पूरे होने के बाद जितेंद्र मिश्रा को इस महत्वपूर्ण पद के लिए चुना गया।
गोविंद देव गिरि बने नए महासचिव
ट्रस्ट में एक और महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज को नया महासचिव नियुक्त किया गया है। वह इससे पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
पूर्व महासचिव चंपत राय के पद छोड़ने के बाद कृष्ण मोहन अंतरिम रूप से महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब गोविंद देव गिरि को स्थायी रूप से यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
महेश भागचंदका बने कोषाध्यक्ष, तीन नए सदस्य शामिल
ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव के तहत तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडेय और निर्मला यादव शामिल हैं।
महेश भागचंदका को ट्रस्ट का नया कोषाध्यक्ष भी बनाया गया है। इस तरह ट्रस्ट के शीर्ष प्रशासनिक और वित्तीय पदों पर एक साथ कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है राम मंदिर में CEO की नियुक्ति?
राम मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में शामिल हो चुका है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन, दान व्यवस्था और मंदिर से जुड़ी प्रशासनिक गतिविधियों को देखते हुए एक पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था की आवश्यकता लगातार बढ़ी है।
पहली बार CEO नियुक्त होने के बाद ट्रस्ट की नीतिगत भूमिका और मंदिर के रोजमर्रा के प्रशासन के बीच जिम्मेदारियों को अधिक स्पष्ट तरीके से बांटने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
अब कैसे काम कर सकता है नया प्रशासनिक ढांचा?
ट्रस्ट बोर्ड: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का बोर्ड मंदिर से जुड़ी प्रमुख नीतियों, दीर्घकालिक योजनाओं और महत्वपूर्ण निर्णयों पर काम करेगा। इसमें धार्मिक, सामाजिक, कानूनी और अन्य क्षेत्रों से जुड़े सदस्य शामिल हैं।
कार्यकारी व्यवस्था: CEO की जिम्मेदारी मंदिर के रोजमर्रा के प्रशासन को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की होगी। इसमें प्रशासन, सुरक्षा, वित्तीय प्रक्रियाओं और श्रद्धालुओं से जुड़ी सुविधाओं जैसे कई क्षेत्रों में समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा।
चंपत राय के इस्तीफे के बाद बदला ट्रस्ट का ढांचा
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दिया था। बाद में ट्रस्ट की बैठक में उनके इस्तीफे स्वीकार किए गए और कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी दी गई थी।
हालांकि बाद में सामने आई SIT की अंतिम रिपोर्ट को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों में कहा गया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के नाम आरोपियों में शामिल नहीं थे। इसलिए इस पूरे घटनाक्रम को केवल आरोपों के आधार पर उनकी संलिप्तता के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
राम मंदिर ट्रस्ट में अब कौन किस पद पर?
| पद | नाम |
|---|---|
| CEO | पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा |
| महासचिव | स्वामी गोविंद देव गिरि |
| कोषाध्यक्ष | महेश भागचंदका |
| नए ट्रस्टी | महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडेय और निर्मला यादव |
राम मंदिर प्रबंधन में नए दौर की शुरुआत
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला CEO बनाए जाने को राम मंदिर के प्रशासन को अधिक पेशेवर और संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। सैन्य सेवा के दौरान बड़े संगठनों और संवेदनशील जिम्मेदारियों को संभालने का उनका अनुभव मंदिर प्रशासन में उपयोगी हो सकता है।
वहीं गोविंद देव गिरि के महासचिव बनने और महेश भागचंदका को वित्तीय जिम्मेदारी मिलने के बाद ट्रस्ट की नई नेतृत्व टीम के सामने मंदिर प्रशासन, पारदर्शिता, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और वित्तीय व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी जांच से जुड़े तथ्यों में आधिकारिक रिपोर्ट और न्यायिक निष्कर्ष को अंतिम माना जाना चाहिए।
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